Monthly Archive: January 2019

मर्यादा पुरषोत्तम 0

मर्यादा पुरषोत्तम

कभी कभी मैं सोचती हूँ की जहाँ पूरे विश्व में सब लोगों के लिए एक ही कायदे और कानून होते हैं वहीँ भारत में ऐसा क्यों नहीं है | मेरी बात पढ़ के चकरा गए...

गुलाब जामुन 0

गुलाब जामुन

चन्नी को आज घर लौटने में देर हो गई थी| मुन्नू उसका रास्ता देख रहा था | घर में पैर रखते ही मुन्नू उसका थैला टटोलने लगा | थैले में बची खुची कुछ सब्जियां और दो बासी गुलाब जामुन थे  मुन्नू...

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प्रेम का अंक ग्रह

जीवन कितना सरल होता जो कुछ निभाना ना पड़ता और ना कुछ जताना पड़ता लेकिन ऐसा नहीं है | कहते हैं कि जीवन एक बहता  हुआ सागर है और उसमे जो जितना जल्दी तैरना सीखेगा...